दोस्तों, आज अधिकतर लोगों का जीवन अपने भूतकाल की बुरी यादों, संघर्षों से भरे वर्तमान और धुंधले भविष्य के बीच उलझ-सा गया है और आगे नहीं बढ़ पा रहा। जीवन में असफलताएँ, रुकावटें, बाधाएँ, परेशानियाँ, रिश्तों में कड़वाहट, भ्रम, भय, ग्लानि, क्लेश, तनाव, क्रोध, दुःख, रोग और दरिद्रता ने जीवन की गति अवरुद्ध कर दी है।
ऐसे में सुप्रीम लाइफ-गुरु और NLP मास्टरमाइंड अरुण सिंह ‘क्रान्ति’ आपके लिए लेकर आये हैं एक ऐसा रहस्य, जिसके माध्यम से आप अपने अवचेतन-मन की छिपी हुई शक्ति को पूरी तरह जाग्रत कर सकते हैं और जीवन में अपेक्षित गतिशीलता को प्राप्त कर सकते हैं।
अनुसंधान ने आज यह साबित कर दिया है कि जीवन की 10 में से 9 'समस्याएँ' केवल अवचेतन मन की बुरी अवस्था से उत्पन्न होती हैं और यदि अवचेतन-मन की 'सकारात्मक-सिद्धि' प्राप्त हो जाए, तो जीवन अपने ‘स्वस्थ-स्वभाव’ में आ जाता, और यह स्वस्थ-स्वभाव प्राकृतिक रूप से आनन्दयुक्त ही है।
वह रहस्य प्रस्तुत किया जा रहा है एक पुस्तक और एक वर्कशॉप के माध्यम से, जिसका शीर्षक है : "स्वयं को तथास्तु कैसे कहें?"
कहते हैं यदि बीज अच्छा हो, और उर्वर भूमि में डाला जाए और उसको सींचाई, खाद, पानी और सेवा अच्छे से मिले, तो फसल सोना उगलती है। यह पुस्तक और यह वर्कशॉप एक सुखद परिणाम है अरुण सिंह 'क्रान्ति' द्वारा 18 वर्षों तक किये गए शोध का... यह फसल सोना उगल रही है।
यह पुस्तक आपके जीवन को बदल देने वाली एक दिव्य-उपकरण है। इस अद्भुत पुस्तक में आप कुछ ऐसे अभ्यास करने वाले हैं, और कुछ ऐसे सूत्र जानने वाले हैं, जिनसे जीवन में वह सबकुछ (सकारात्मक रूप से) प्राप्त किया जा सकता है, जो आप (यथार्थ रूप से) अक्सर पाना चाहते हैं। यह पुस्तक पाठकों को समर्पित करते हुए हमें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।
~ COSMiCURE INDIA
